Monday, August 29, 2016

Beef eater Hitler द्वारा जर्मन सेना में शामिल होने का पैगाम ठुकरा दिया था गाय का दूध पीकर 3 ओलम्पिक स्वर्ण पदक जीते मेजर ध्यानचंद नें

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Friday, August 12, 2016

इजराइल जहां पाकिस्तानी पासपोर्ट नहीं चलता

इजराइल (Israel) दुनिया के सबसे छोटे व नए राष्ट्रों में से एक है, जो चारों तरफ से दुश्मन देशों से गिरा हुआ है और दुश्मन देश भी ऐसे हैं जो इज़राइल (Israel) को किसी भी तरीके से खत्म कर देना चाहते हैं, फिर भी इजराइल से उसके शत्रु देश घबराते है, इजराइल नहीं। इसराइल (Israel) के शत्रु देश भी कहते हैं की इजराइल सदा अपने दुश्मनों के घर में घुस कर उन्हें मारने की फ़िराक में रहता है। यह सब संभव हुआ इजराइल (Israel) के स्वाभिमानी एवं देशभक्त लोगों की वजह से

 1. इजराइल (Israel) दुनिया का एकमात्र यहूदी राष्ट है तथा इजरायल की यह नीति है कि पूरी दुनिया में अगर कहीं भी कोई भी यहूदी रहता है तो वह इजरायल का नागरिक माना जाएगा।

2. दुनिया के सबसे नए राष्ट्रों में इजराइल (Israel) एक राष्ट्र है जिसकी उम्र केवल 67 वर्ष है।

3. इजराइल (Israel) के धर्म के बाद अब बात करते हैं इजरायली राष्ट्रीय भाषा की तो हम बता दें कि इसराइल की राष्ट्र भाषा हिब्रू है तथा हिब्रू के बारे में यह कहा जाता है कि मध्यकाल में हिब्रू भाषा का अंत हो गया था तथा इस भाषा को कोई भी सीखने वाला नहीं बचा था। लेकिन इजरायल की स्थापना के बाद राष्ट्र भक्त यहूदीयो ने अपनी भाषा हिब्रू को इजराइल अधिकारिक भाषा बनाया और इस प्रकार हिब्रू का पुनःजन्म हुआ। इजराइल की दो अधिकारिक भाषा है, हिब्रू और अरबी। यह अपने भारत की तरह नहीं जिसने अपनी राष्ट्रीय भाषा बोलने में ही शर्म आती है।

4. इजराइल (Israel) की कुल जनसंख्या 90 लाख के बराबर है यानी हमारे दिल्ली शहर की जनसंख्या से भी कम। तथा चार इजराइल मिलकर भी उत्तर प्रदेश की जनसंख्या के बराबर नहीं कर सकते, परंतु इजराइल की छाप फिर भी आपको दुनिया के हर हिस्से में तथा हर विषय में मिलती है।

5. इजराइल (Israel) दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां के प्रत्येक नागरिक को मिलिट्री ट्रेनिंग अनिवार्य है तथा इजराइल का प्रत्येक नागरिक कुछ समय के लिए सेना में काम करना अनिवार्य है, चाहे वह उस देश के प्रधानमंत्री का बेटा क्यों ना हो। इसी प्रकार से इजराइल में महिलाओं को भी मिलिट्री ट्रेनिंग लेना अनिवार्य है। आप समझे मित्रों, हम तो महिलाओं को देवी के रुप में पूजते ही रह गए लेकिन वास्तविक रूप में महिला शक्ति अहमियत इसराइल में मानी जाती है।

6. खोखले वोट बैंक के कारण भारत के किसी भी प्रधानमंत्री ने अभी तक इजरायल (Israel) की कोई यात्रा नहीं की है तथा नरेंद्र मोदी जी भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने सारे वोट बैंक के मिथक तोड़ते हुए इजराइल की यात्रा की।

7. अगर हम इजरायल (Israel) की वायुसेना की बात करें तो इजरायली वायु सेना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है। यह वायुसेना इतनी शक्तिशाली है अमेरिका तथा रूस जैसे देश भी इनसे डरते हैं। वायुसेना क्षमता के मामले में सिर्फ अमेरिका, रूस तथा चीन इजराइल से आगे हैं।

8. इजराइल (Israel) अपनी बहुत ही कम जनसंख्या व क्षेत्रफल के बावजूद दुनिया के उन दोनो देशों में शामिल है जिनके पास खुद का सेटेलाइट सिस्टम है। इजराइल की सेटेलाइट सिस्टम से जुड़ा एक तथ्य यह भी है कि इजराइल अपने सैटेलाइट किसी भी देश के साथ नहीं बाँटता तथा अपने इन सैटेलाइट की बदौलत ही इज़राइल ड्रोन चलाने की भी क्षमता रखता है।

9. इजराइल (Israel) दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जो पूर्ण रुप से एंटी बेलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम से पूर्ण है अर्थात इजराइल की पूरी सीमाओं तथा प्रत्येक हिस्से में एंटी बेलिस्टिक मिसाइल लगी हुई है। इसी कारण चारों तरफ अपने शत्रु देशो से घिरे होने के बावजूद भी इजरायल आज तक सुरक्षित है। इजराइल के ऊपर प्रतिदिन अरब देशो के पाले हुए अनेक आतंकवादी संगठन रोकेट से हमला करते हैं, लेकिन सारे रॉकेट इनके डिफेंस सिस्टम के कारण रास्ते में ही नष्ट हो जाते हैं।

10. अगर हम पर्यावरण की बात करें तो इजराइल (Israel) दुनिया का पहला और एकमात्र ऐसा देश है, जिस देश में पिछली सदी की तुलना में इस सदी अधिक वृक्ष है अर्थात इजराइल शक्ति में तो आगे है ही, लेकिन इसके अलावा वह पर्यावरण के मामले में भी बहुत ज्यादा सजग हैं।

11. इजरायली (Israel) नोटों में ब्रेल लिपि का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए इसके नोट को दृष्टिहीन लोग भी पहचान सकते हैं। यह अपनी तरह का पहला ऐसा नोट है।

12. इजराइल (Israel) के जन्म से ही अनेक मुस्लिम राष्ट्र इसके शत्रु रहे हैं, जिसके कारण यह अभी तक सात बड़ी लड़ाइयां लड़ चुका है तथा एक बार तो इसके ऊपर 7 देशो ने भी हमला कर दिया था, लेकिन उस लड़ाई में भी इजराइल ने ही जीत हासिल की।

13. इजराइल (Israel) पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा GDP के अनुपात में रक्षा क्षेत्र पर ही खर्च करता है।

14. हमने आपको पहले बताया कि इसराइल (Israel) के सभी विद्यार्थी अथवा युवकों को चाहे वह लड़का हो अथवा लड़की हो, अनिवार्य रूप से सेना में जॉइनिंग करनी ही पड़ती है तथा सेना में अपनी सर्विस दौरान लड़कों की अवधि तीन साल के लिए होती है तथा लड़कियों के लिए दो साल होती है।

15. सबसे पहला फोन मोटोरोला कंपनी ने इजराइल (Israel) में ही बनाया था।

16. सबसे पहली पेंटियम चिप माइक्रोसॉफ्ट के लिए इज़राइल (Israel) में ही बनाई गई थी, तथा पहली वॉइस मेल भी इजराईल में ही विकसित की गई थी।

17. जैसा की हम पहले ही ऊपरोक्त बता चुके हैं कि इसराइल (Israel) के ऊपर एक बार सात देशो ने हमला कर दिया था तथा इस युद्ध में इसराइल ने अकेले ही उन सातों मुस्लिम देशों को एक साथ हराया था और जिस क्षेत्र को वह लोग विवादित बता रहे थे, वह भी इज़राइल ने हथिया लिया था। अर्थात हम भारतीय रीढ़विहीन नेताओं की तरह नहीं जो सारी लड़ाइयां टेबल पर हारते हुए ही चले जाएं।

18. मित्रों आपको याद होगा कि जब भी हमारे देश में आतंकवादी हमले होते हैं तो हमारे नेता जिनको हम कहें ‘रीढ़विहीन नेता’ , वह एक वाक्य बार-बार बोलते हैं कि हम इस आतंकवादी घटना की निंदा करते है, लेकिन इसराइल कभी भी इस तरह की बातें नहीं करता। इजरायल की एक सीधी सिंपल सी पॉलिसी है कि अगर किसी भी राष्ट्र या किसी भी संगठन ने हमारे देश के एक भी नागरिक को मारा तो हम उसे दुनिया के किसी भी हिस्से में ढूंढ कर उसे मार देंगे और हमारे एक नागरिक के बदले उसके 50 नागरिक मारे जाएंगे।

19. इजराइल के बारे में एक विचित्र तथ्य यह भी है कि इजराईल ने आज तक अपने किसी भी दुश्मन को जीवित नहीं छोड़ा। इजराइल के ऊपर हमला करने वाले सभी दुश्मनो की मृत्यु निश्चित है।

20. भारत का नंबर एक दुश्मन पाकिस्तान भी इसराइल से कितनी घृणा करता है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि हर पाकिस्तानी पासपोर्ट पर साफ शब्दों में लिखा होता है कि यह पासपोर्ट इजराइल को छोड़कर किस किसी भी राष्ट्र में मान्य है।

21. इजराइल का सबसे विचित्र तथ्य यह है कि आप अपनी नाक रविवार के दिन साफ नहीं कर सकते। अब ऐसा क्यों है यह तो इसराइल से ही पता करना पड़ेगा।

22. इजराइल के एक अलग राष्ट्र बनने के बाद 1952 में अमेरिका ने अल्बर्ट आइंस्टाइन को इजराइल का प्रधानमंत्री बनाने का प्रस्ताव पेश किया, लेकिन हम इस अल्बर्ट आइंस्टीन ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया।

23. दुनिया का सबसे पहला एंटीवायरस भी इजराइल में ही बना। सबसे पहला एंटीवायरस इसराइल में 1979 में बनाया गया था।

24. इजराइल में सूअर पालना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर आपको जेल भी हो सकती है।

25. इजराइल दुनिया मैं सबसे ज्यादा हीरो की कटिंग और पोलिशिंग का केंद्र भी है। यहाँ पुरी दुनिया में सबसे ज्यादा हीरो की होल-सेल होती है।

26. दुनिया की सबसे छोटी बाइबल भी इज़राइल में बनी है जो केवल 4.16 मिलीमीटर लंबी चौड़ी है।

27. इजराइल अपनी जनसंख्या की जरूरत के हिसाब से 95% खाद्यान्न खुद उपजाता जाता है। कृषि उत्पादों के मामले में इजराइल लगभग पूरी तरह से ही आत्मनिर्भर है।

28. इजराइल के लोगों की मेहनत और बुद्धि का एक नमूना आप देखिए कि पिछले 25 सालों में इसराइल के कृषि उत्पादन में 7 गुणा बढ़ोत्तरी हुई है लेकिन पानी पहले जितना प्रयोग किया जा रहा है।

29. इजराइल में लगभग 90% जनसंख्या सौर ऊर्जा का प्रयोग करती है, जो पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है।

30. व्यवसायिक दृष्टि से भी इसराइल दुनिया में तीसरे स्थान पर है। इजराईल में करीब 3500 से भी ज्यादा टेक्नोलॉजी कंपनी है जो पूरी दुनिया में सिलिकॉन वैली के बाद दूसरे नंबर पर आती है।

31. इजराइल मिडिल-ईस्ट में बसा हुआ एक छोटा देश है, लेकिन इजरायल की मीडिया को पूरे अरब देशों की मीडिया के मुकाबले सबसे ज्यादा आजादी हासिल है।

32. आपको जानकर हैरानी होगी कि इजराइल में केवल 40 ही किताबों की दुकानें हैं, क्यूंकि इजराइल में हर किसी व्यक्ति को सरकार ही किताब मुहैया कराती है।

33. इजराइल, पूरे अरब जगत का एकमात्र ऐसा देश है जहां महिला तथा पुरुषों को बराबरी के अधिकार प्राप्त है।

34. इजराइल के पास केवल 273 किलोमीटर लंबा समुद्री तट है लेकिन उसमें भी इज़राइल ने 137 ऑफिशियल बीच बना रखे है।

35. जनसंख्या के हिसाब से सबसे ज्यादा विश्वविद्यालय इजराइल में ही स्थित है।

36. अंत में इजराइल की आक्रामकता एवं देशभक्ति का एक छोटा सा नमूना हम आपको बताते हैं कि, 1972 में जर्मनी के म्यूनीख ओलंपिक गेम्स में फिलिस्तीन के मुस्लिम आतंकवादियों ने 12 इजरायली खिलाड़ियों को मार डाला था, तब तात्कालीन इसराइली प्रधानमंत्री ‘गोल्डा मेयर’ ने न तो इस घटना की निंदा करी और ना ही उन्होंने हमारे देश के घटिया नेताओ की तरह कोई शांति का वक्तव्य दिया बल्कि उन्होंने सारे मृत खिलाड़ियों के घरवालों को फोन करके कहा कि हम इसका बदला देंगे लेंगे तथा इसके बाद उन्होंने अपनी खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ को केवल इतना ही कहा कि दुनिया के किसी भी राष्ट्र किसी भी हिस्से में कोई भी आतंकवादी हो जो इस घटना में शामिल है उन्हें किसी भी तरह मार दो और उन्होंने ऐसा ही किया भी। 

Saturday, July 30, 2016

मेरा श्रीनगर प्रवास

मेरा श्रीनगर प्रवास

मैं आज दिनांक 29 जुलाई 2016 विमान से 7.10 प्रातः श्रीनगर पहुँचा, एस्कलेटर से उतरते ही मेरी वेशभूषा देखकर इंटेलिजेंस के अधिकारी नें पूछा आप पॉलिटिशियन हैं मैंने बताया हाँ मैं पॉलिटिशियन हूँ पर साथ ही व्यापारी भी हूँ और सचिवालय एक मीटिंग में आया हूँ, लिहाज़ा मुझे उन्होंने जाने दिया।

प्राइवेट टैक्सी पूरा दिन के लिए मैंने ₹2500 में बुक की और अपने कश्मीरी मित्र मेहरज़ दीन जिन्हें मेरे साथी डॉ यश भारद्वाज 'जाटव' जी ने फ़ोन पर मेरा कार्यक्रम सूचित कर सहयोग करने के लिए आग्रह किया था उनके साथ 22 दिन से कर्फ्यू से जूझ रहे श्रीनगर की सूनसान सड़कों पर चप्पे चप्पे पर तैनात सुरक्षाबल के बीच दौड़ती गाड़ी में सचिवालय जाते हुए श्रीनगर निहारना शुरू किया।

जगह जगह सड़क पर पड़े पत्थर पिछली रात की कहानी बयां कर रहे थे। मैंने मेरे वाहन चालक भाई कय्यूम आलम से कुछ प्रश्न किये
प्रश्न - क्या आप कश्मीर को भारत से अलग करना चाहते हो ?
जवाब - ख्वाब में भी नहीं
प्रश्न - क्यों ?
जवाब - हम कश्मीरी भारतीय हैं और 95% भारतीय सैलानी ही यहां घूमनें आते हैं यदि कश्मीर भारत से अलग होता है तो यह पक्का है की भारतीय तो छोड़ो अन्य देश भी यहां घूमनें नहीं आएंगे।
मैंने पूछा आप पत्थर फैंकने की घटनाओं का समर्थन करते हैं ?
अब दोनों यानि मेहरज़ भी बोले 'नहीं' पर साथ ही पैलेट गन का भी विरोध किया।
मैंने कहा आप पत्थर फैंकने से बच्चों को मना करो तो कोई पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों करेगा ?
तब उन्होंने कहा कि हमारे समझाने से नहीं बल्कि युवाओं को जोड़कर उनसे बातचीत से समाधान निकलेगा।
मैंने पूछा सितम्बर 2014 में जब बाढ़ आई थी तब आपको जो नुकसान हुआ उसका मुआवजा आपको मिला ?
उन्होंने मोदी जी को धन्यवाद दिया और कहा कि समय पर तीन किश्तें मिल चुकी हैं हमारा घर जो बिलकुल खत्म हो गया था वो बन चुका है।
मैं सचिवालय पहुँच चुका था, मीटिंग के बाद जुम्मे की नमाज़ से पहले मुझे एयरपोर्ट पहुँचने की सबने हिदायत दी क्योंकि नमाज़ बाद भीड़ का लाभ लेकर शरारती तत्व पत्थर फेंकने की घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं।

मेरी वापसी की फ्लाइट शाम 6.45 पर थी इस दौरान तमाम कश्मीरवासियों से मेरी अनोपचारिक बातचीत हुई जिसमें उपरोक्त प्रश्न मैंने तमाम नागरिकों से किये। जिसमें सबके जवाब लगभग एक जैसे थे।

मैं विमान में बैठ चुका हूँ विमान लगभग 70 % खाली है आने वाले दिनों में यह फिर 100% भरेगा क्योंकि हमारा कश्मीर कहीं नहीं जा रहा वो हमारे साथ है वहां का राष्ट्रवादी आवाम् भारत के साथ है।

जय हिंद
बादलों से आपका
शान्त प्रकाश जाटव

Wednesday, June 29, 2016

Dr Ambedkar राजनैतिक लाभ के लिए मसीहा कहना वामपंथी षड्यंत्र

Dr Ambedkar का देश के लिए योगदान सराहनीय है परंतु राजनैतिक लाभ के लिए उन्हें मसीहा के रूप में निरोपित करना वामपंथी षड्यंत्र है इसे समझना होगा

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Thursday, June 16, 2016

अछूत ब्राह्मण या वेदों नें नहीं अंग्रेजों नें बनाया

अछूत कौन ? डॉ अम्बेडकर नें अपनी पुस्तक "who were the shudras" अनुवादित संकलन 'अछूत कौन और कैसे' के पृष्ठ 67 पर स्पष्ट किया है की हिन्दुओं को बाँटने की यह अंग्रेजों की योजना थी. 1871 में भारत में सर्वप्रथम जनगणना हुई तदुपरांत 1881, 1891 व् 1901 तक जनगणना धर्माधारित होती रही जिसमें 1. हिन्दू 2. मुस्लिम 3. ईसाई की जनसँख्या के अतिरिक्त कुछ नहीं किया गया. 1901 की जनगणना के अनुसार मुस्लिमों की जनसँख्या लगभग 6 करोड़ 20 लाख थी. 1911 की जनगणना में हिन्दुओं को बाँटने के आशय से हिन्दुओं को तीन भागों में बांटा गया

1. हिन्दू 
2. प्रकृति पूजक आदिवासी 
3. अछूत 

यहाँ अछूत कौन होगा उसके लिए 10 मापदंड जनसँख्या आयुक्त द्वारा तय किये गए, मापदंड निम्नानुसार थे 

1. जो ब्राह्मणों की प्रधानता नहीं मानते 
2. जो किसी ब्राह्मण अथवा अन्य किसी माने हुए हिन्दू गुरु से मंत्र नहीं लेते 
3. जो वेदों को प्रमाण नहीं मानते 
4. जो हिन्दू देवी देवताओं को नहीं पूजते 
5. जिनका अच्छे ब्राह्मण संस्कार नहीं करते 
6. जो कोई ब्राह्मण पुरोहित नहीं रखते 
7. जो हिन्दू मंदिर के भीतर नहीं जा सकते 
8. जो स्पृश्य नहीं हैं अथवा निर्धारित सीमा के भीतर आ जाने से अपवित्रता का कारण होते हैं 
9. जो अपने मुर्दों को गाढ़ते हैं
10. जो गोमांस खाते हैं और गौ का किसी प्रकार से आदर नहीं करते   

इस आधार पर 1911 की जनगणना द्वारा हिन्दुओं को अंग्रेज हुकुमत नें वर्गीकृत कर अछूतों का निर्माण किया जिन्हें अछूत, दलित, डिप्रेस्ड आदि कहा गया.
  

Friday, June 10, 2016

राम बहादुर राय के खिलाफ कांग्रेस कर रही है साजिश - शान्त प्रकाश जाटव

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के नाम में से "हिन्दू" शब्द हटाने के लिए कांग्रेस द्वारा 1965 में संसद में विधेयक रखा गया जिसके खिलाफ देशव्यापी आन्दोलन खड़ा करने वाले एवं जयप्रकाश नारायण आन्दोलन जो कांग्रेस की कारगुजारियों व् आपातकाल के विरोध के कारण युवाओं नें खड़ा किया दोनों आंदोलनों का सफल संचालन करने वाले राम बहादुर राय हमेशा कांग्रेस की निगाहों में चुभते रहे हैं.

विगत दिनों इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र जिस पर कांग्रेस अपना जन्मसिद्ध एकाधिकार समझती थी का मोदी सरकार नें राम बहादुर राय जी को अध्यक्ष नियुक्त कर दिया परिणामस्वरूप कांग्रेस बौखलाई हुई है.

आउटलुक पत्रिका द्वारा प्रकाशित राम बहादुर राय जी का छद्म साक्षात्कार जिसमें बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर जी के संदर्भ में छपा बयान कांग्रेस व् वामपंथियों की राम बहादुर राय व् कांग्रेसियों की पुरानी रंजिश को दर्शाती हैं.

समुचित प्रकरण दुर्भाग्यपूर्ण व् निंदनीय है, झूठे साक्षात्कार छापने वाले पत्रकार व् आउटलुक पत्रिका के प्रकाशक के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए.

शान्त प्रकाश जाटव


Tag: Ram Bahadur Rai, BJP, Congress, RSS, ABVP, Hindutva, Outlook

http://www.outlookindia.com/magazine/story/ambedkars-role-in-the-constitution-is-a-myth/297259

http://amarujala.com/india-news/ambedkar-s-role-in-framing-constitution-is-a-myth-says-ignca-chief-ram-bahadur-rai

Wednesday, May 18, 2016

2030 तक आरक्षण मुक्त होगा भारत - जाटव


नई दिल्ली।।
जातिगत आरक्षण अंग्रेजों का भारत की जनता को बांटने का षडयंत्र था, आज का युवा यह बात बखूबी समझ रहा है और युवाओं की इस चेतना को देखते हुए मूवमेंट  अगेंस्ट रिजर्वेशन की मुहिम के मुखिया के नाते मैं सभी को विश्वास दिलाता हूँ कि वर्ष 2030 तक देश आरक्षण मुक्त होगा। उक्त उद्गार वरिष्ठ भाजपा नेता व मूवमेंट अगेंस्ट रिजर्वेशन के अध्यक्ष शांत प्रकाश जाटव ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में व्यक्त किये।
जाटव नई दिल्ली स्थित हिंदी भवन में एक नागरिक अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे। 15 मई को आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी द्वारा अपने व अपने परिवार के आरक्षण का लाभ परित्याग करने हेतु नागारिक अभिनंदन किया गया, वहीं 'राष्ट्रीय एकता हेतु, आरक्षण जरूरतमंद को’ एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जैन धर्मगुरू आचार्य डॉ. लोकेश मुनि एवं हजरत सैय्यद बाबर अशरफ के सानिन्ध्य तथा मूवमेंट अगेंस्ट रिजर्वेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शांत प्रकाश जाटव की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के तौर पर उद्योगपति अनिल त्यागी और विशिष्ट अतिथि के तौर पर मनोहर लाल तंवर, मोनिशा भाटिया, सुरेन्द्र कुमार प्रजापति, जनाब लाल शाह कादरी एवं गाँधी शर्मा मौजूद रहे। इस दौरान मौजूद सभी वक्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि उनके इस कदम की जितनी सराहना की जाये कम है।
इस अवसर समारोह के अध्यक्ष शांत प्रकाश जाटव ने जीतनराम मांझी के इस कदम की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज ऐसे तमाम समर्थ लोगों को आगे आकर आरक्षण छोड़ना चाहिए, जो हर तरह से संपन्न हैं और वास्तविक जरूरतमंदों का हक मार रहे हैं।
इस अवसर पर श्री जाटव ने कहा कि अंग्रेजों ने वर्ष 1909 में मुस्लिमों के लिए अलग से आरक्षित सीटों की व्यवस्था करके आरक्षण का जो विष बोया था, आज वह सामाजिक समरसता के लिए अभिशाप बन गया है। उन्होंने कहा कि 1909 में अंग्रेजों द्वारा मुस्लिमों के लिए की गई आरक्षित सीटों की व्यवस्था जहां पाकिस्तान के निर्माण का कारण बनीं, वही व्यवस्था आज हिंदुस्तान में सामाजिक ताने-बाने के लिए अभिशाप बन गई है। उन्होंने मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की खामियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरक्षण व्यवस्था लागू करने के बाद से आरक्षित जातियों की तादाद बढ़ती क्यों गई, इस सवाल का जवाब नीति-नियंताओं को देना ही होगा। उन्होंने कहा कि यह संक्रमण काल है, जिसमें समाज का हर वर्ग अपने आत्मसम्मान को आरक्षण के लिए बेचने के लिए तैयार बैठा है। जाटव ने महार, चमार, पासी, कोरी सरीखी जातियों के ऐतिहासिक गौरव को याद दिलाते हुए कहा कि इतिहास में अपने गौरवपूर्ण सम्मान के लिए जाने-जाने वाली जातियां आज की मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में याचक जैसी दिखाई देती हैं।
उन्होंने कहा कि आज युवा वर्ग का भरपूर समर्थन मूवमेंट अगेंस्ट रिजर्वेशन को मिल रहा है और युवाओं की इस ऊर्जा को देखते हुए मुझे महसूस होता है, कि जातिगत आरक्षण की इस सड़ी-गली व्यवस्था का सूरज अस्त होने की ओर है।

Tuesday, May 17, 2016

Movement against reservation

सामान्य वर्ग में शादी की ख्वाइश रखने वाले SC/ST/OBC के परिवारो नें क्या आपस में रोटी बेटी के सम्बन्ध करने शुरू कर दिए हैं ?

Friday, February 26, 2016

Meghalaya tour of Shant Prakash Jatav BJP Leader 26-2-2016

 Shant Prakash Jatav BJP Leader


 Shant Prakash Jatav BJP Leader


 Shant Prakash Jatav BJP Leader


 Shant Prakash Jatav BJP Leader


 Shant Prakash Jatav BJP Leader


 Shant Prakash Jatav BJP Leader


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Shant Prakash Jatav BJP Leader



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Shant Prakash Jatav BJP Leader