Monday, April 24, 2023
अंबेडकर जयंती और भगवान परशुराम जयंती पर शांत प्रकाश जाटव द्वारा आँखें खोल देने वाला वक्तव्य
Monday, November 28, 2022
वामपंथियों ने अम्बेडकर का जानबूझकर महिमामंडन किया, क्योंकि वह हिन्दू विरोधी थे
Friday, October 04, 2019
अंबेडकर संविधान निर्माता नहीं - शांत प्रकाश जाटव
डॉक्टर अंबेडकर संविधान निर्माता नहीं थे वह केवल संविधान निर्माण सभा के सदस्य थे और प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे
बामसेफ और वामपंथी लेखक समाज को गुमराह करने के लिए उन्हें संविधान निर्माता बताते हैं
भारतीय संविधान सभा में 389 सदस्य थे
9 दिसम्बर 1946 को प्रथम बैठक हुई और 26 नवम्बर 1949 को संविधान तैयार हुआ।
जिसमें 2 वर्ष 11 माह 18 दिन लगे
संविधान सभा के अध्यक्ष-डॉ राजेन्द्र प्रसाद जी थे
उपाध्यक्ष-एच. मुखर्जी
संवैधानिक सलाहकार- बी.एन.राव
कुल 13 समितियां
(1) संघ शक्त समिति
(2) संविधान समिति
(3) राज्यों के लिए समिति
(4) राज्यों,रियासतों से परामर्श समिति
(5) मौलिक अधिकार एवं अल्पसंख्यक समिति
( 6) प्रांतीय संविधान समिति
( 7) मौलिक अधिकार उपसमिति
( 8) झण्डा समिति
(9) प्रक्रिया नियम समिति
(10) सर्वोच्च न्यायालय संबंधित समिति
(11) प्रारूप सविधिक समिति
(12) संविधान समीक्षा आयोग
( 13) प्रारूप समिति
1. मोहम्मद सादिला
2.अल्लादी कृष्णस्वामी
3. एन.गोपाल स्वामी अय्यर
4.एन.माधवाचार्य
5. कन्हैयालाल माणिक्य लाल मुंशी
6.टी.टी.कृष्णमाचारी
7.भीमराव अंबेडकर
Monday, October 23, 2017
अखिल भारतीय हिन्दू जाटव महासभा के तत्वावधान में मोहन नगर ग़ाज़ियाबाद में सम्पन्न हुआ हवन दिनाँक 22 अक्टूबर 2017
अखिल भारतीय हिन्दू जाटव महासभा के तत्वावधान में मोहन नगर ग़ाज़ियाबाद में सम्पन्न हुआ हवन दिनाँक 22 अक्टूबर 2017
Wednesday, June 29, 2016
Dr Ambedkar राजनैतिक लाभ के लिए मसीहा कहना वामपंथी षड्यंत्र
Dr Ambedkar का देश के लिए योगदान सराहनीय है परंतु राजनैतिक लाभ के लिए उन्हें मसीहा के रूप में निरोपित करना वामपंथी षड्यंत्र है इसे समझना होगा
Check out @shantprakash's Tweet: https://twitter.com/shantprakash/status/748009742061142016?s=09
Thursday, June 16, 2016
अछूत ब्राह्मण या वेदों नें नहीं अंग्रेजों नें बनाया
यहाँ अछूत कौन होगा उसके लिए 10 मापदंड जनसँख्या आयुक्त द्वारा तय किये गए, मापदंड निम्नानुसार थे
1. जो ब्राह्मणों की प्रधानता नहीं मानते
इस आधार पर 1911 की जनगणना द्वारा हिन्दुओं को अंग्रेज हुकुमत नें वर्गीकृत कर अछूतों का निर्माण किया जिन्हें अछूत, दलित, डिप्रेस्ड आदि कहा गया.


