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Tuesday, March 06, 2018

मायावती समाज को गुमराह करना बंद करो

मुझे याद है TV पर खबर चल रही थी मायावती को मुलायम सिंह यादव के विधायकों और गुंडों ने सरकारी गेस्ट हाउस में बंधक बना लिया है उसे मारने का प्रयत्न किया जा रहा है पुलिस प्रशासन गुंडों के साथ उस घटना को अंजाम देने के लिए आतुर है लगातार टीवी पर कवरेज दिखाई जा रही थी बताया जा रहा था लोकतंत्र और एक महिला की लाज खतरे में है, अंतरात्मा को यह खबर झकझोर रही थी और विपक्षी होने के बावजूद मन से आवाज़ आ रही थी की हे ईश्वर इस महिला की मदद करो।
तब हमारे भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व व संघ के वरिष्ठ नेतृत्व नें तुरंत निर्णय लिया की मायावती को तुरंत बचाया जाए इस निर्णय के बाद संघ के स्वयंसेवक भाई ब्रह्मदत्त द्विवेदी जी वहां जाकर गुंडों से भिड़ गए और एक विधायक जो गैस सिलेंडर लेकर विस्फोट करने की योजना बना रहा था उसके मंसूबों को द्विवेदी जी ने न केवल खत्म किया बल्कि मायावती को बचाया।
दिल्ली से हमारे वरिष्ठ नेता आदरणीया सुषमा स्वराज जी के नेतृत्व में स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचे और उन्होंने मायावती को एक नया जीवन दिया और आज वही मायावती उसी जीवनदाई पार्टी भारतीय जनता पार्टी को न केवल नीचा दिखाने का प्रयास कर रही है बल्कि उसके खिलाफ उन्हीं गुंडई ताकतों के साथ मिल गई है जिन्होंने कभी मायावती के जीवन को खत्म करने की योजना रची थी।
मायावती ने संपूर्ण समाज को भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यह बात कभी मंच से नहीं कहीं मायावती ने हमेशा भारतीय जनता पार्टी को बुरा भला ही कहा जबकि भारतीय जनता पार्टी ने मायावती को कई दफा उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने में भी सहयोग किया समाज को गुमराह करने की फितरत मायावती की शुरू से रही है एहसान फरामोशी और बेवफाई मायावती के कतरे कतरे में है ब्राह्मणों को कोस कर दलित समाज को गुमराह करने की फितरत मायावती में शुरू से है आज समय आ गया है कि मायावती की विचारधारा को समाज छोड़ें और देश की प्रगति में भारतीय जनता पार्टी के साथ में कंधे से कंधा मिलाकर के योगदान दें यह देश सर्वधर्मीय और सर्वजातीय है भारतीय जनता पार्टी एक सच्ची लोकतांत्रिक पार्टी है जिसमें धर्म या जाति देख कर योजना नहीं बनाई जाती।
राष्ट्रवादी विचारधारा को सर्वोपरि रखते हुए देश के विकास सामाजिक विकास सामाजिक उत्थान और प्रगति की ओर चलना यही मूल उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी का है और उसी पर चलते हुए नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अपना परचम देशभर में फैला रही है
शान्त प्रकाश जाटव, ग़ाज़ियाबाद
6 मार्च 2018

Friday, October 27, 2017

भाजपा नेता शांत प्रकाश जाटव का मायावती के बयान पर तीखा हमला, लगाए गंभीर आरोप

 

संवाददाता. 
नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व राष्ट्रीय प्रशिक्षण प्रभारी और भाजपा नेता शांत प्रकाश जाटव ने उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के उस बयान की निंदा की है, जिसमें उन्होंने मौजूदा सरकार में दलितों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए समर्थकों के साथ बौद्ध धर्म अपनाने की धमकी दी थी. मायावती के इस ताजा बयान पर निशाना साधते हुए शांत प्रकाश जाटव ने मायावती पर छल की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कई तीखे हमले किए.
जाटव ने मायावती पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद पर बने रहते हुए मायावती ने सरकारी खजाने से अपनी मूर्तियां सार्वजनिक स्थानों पर लगवाकर समाज को छलने का काम किया. वहीं प्रमोशन में रिजर्वेशन केस में 17.38 करोड़ रुपए की फीस वकील सतीश मिश्रा को देने के बावजूद पैरोकारी के बगैर खारिज याचिका को उच्च न्यायालय की जगह सर्वोच्च न्यायालय में गलत तरीके से अपील डालकर समाज के सवा लाख कर्मचारियों को रिवर्ट करवाने का काम किया, तब उन्हें समाज का ख्याल नहीं आया. भाजपा नेता ने मायावती पर आरोप लगाते हुए कहा कि नोटबंदी के दौरान अवैध धन का कचरा हो जाने तथा उत्तर प्रदेश चुनाव में हार के बाद मायावती पूरी तरह बौखला चुकी हैं और अनर्गल प्रलाप कर रही हैं. जाटव ने मायावती के हिंदू धर्म त्यागने के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अपनी अस्थिर हो चुकी राजनीति को स्थिर करने की जुगत में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती अनुसूचित जाति वर्ग के कंधे पर बैठकर अजान लगाने का असफल प्रयास करने के बाद अब बुद्धिस्ट बनने की धमकी देकर समाज को छलने की असफल कोशिश कर रही हैं. शांत प्रकाश जाटव ने कहा कि अनुसूचित समाज अब मायावती की असलियत को पहचान चुका है और उनके किसी भी झांसे में आने के लिए तैयार नहीं है.


Wednesday, October 25, 2017

Thursday, September 22, 2016

मायावती नें तथाकथित दलितों को सिर्फ ठगा और बेचा, भाजपा नें दिया सम्मान

क्रम रुकने न दें समस्त जानकारी हर मोबाइल में पहुँच जाये तब तक फॉरवर्ड करते रहें
शान्त प्रकाश जाटव
भाजपा सरकार की घोषित योजनाएँ जिसका सीधा लाभ गरीब वर्ग को मिलता है जिनमें अधिकांश अनुसूचित जातियां हैं

प्रधानमन्त्री जनधन योजना – देश के सभी लोगों का खाता खोला गया

बीमा योजना - मात्र 330 रूपये वार्षिक पर 2 लाख का जीवन बीमा और मात्र 12 रूपये वार्षिक पर 2 लाख रूपये का दुर्घटना बीमा

अटल पेंशन योजना – 60 वर्ष के उपरांत 1000 रुपए से 5000 रुपए तक पेंशन योजना

मुद्रा बैंक योजना – छोटे उधमियों को 15 लाख तक कम ब्याज पर बिना गारंटी के ऋण देने की योजना

मेक इन इंडिया – देश के 125000 राष्ट्रीयकृत बेंकों की शाखाओं के माध्यम से प्रत्येक बैंक द्वारा कम से कम 1 या उससे अधिक अनुसूचित जाति वर्ग के व्यवसाई को उधमी बनाना

शिक्षित बनो – अनुसूचित जाति वर्ग के प्रतिभावान छात्रों 10 लाख देश में अध्यन व् 20 लाख विदेश में अध्यन हेतु बिना गारंटर ऋण देना

चिकित्सा सम्बन्धी आर्थिक सहायता – 1 लाख वार्षिक आय तक के अनुसूचित जाति समाज के लोगों के लिए ह्रदय रोग, किडनी सम्बन्धी जैसे गंभीर रोग के इलाज के लिए 3 लाख रूपये तक की सहायता का केंद्र सरकार द्वारा प्रावधान
शान्त प्रकाश जाटव

सिर्फ भाजपा नें डॉ अम्बेडकर का किया सम्मान

1. भाजपा सरकार द्वारा डा.अम्बेडकर की जन्मभूमि (महू, मध्य प्रदेश) पर भव्य स्मारक बनाया।

2.  डा.अम्बेडकर परिनिर्वाण स्थल दिल्ली स्थित आवास 26 अलीपुर रोड भाजपा सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्मारक एवं संग्रहालय घोषित किया.

3.  बाबा साहब  डा.अम्बेडकर की दीक्षा भूमि (नागपुर) तथा चैत्य भूमि (दादर, मुंबई) पर भव्य स्मारक का निर्माण भाजपा सरकार नें किया।

4.  वर्ष 1989 में भाजपा नें विशेष प्रयास कर संसद भवन के केन्द्रीय कक्ष में डा.अम्बेडकर का चित्र लगवाया और डा.अम्बेडकर को भारत रत्न  की उपाधि से सम्मानित करवाया।

5. प्रधानमंत्री मोदी जी ने महाराष्ट्र सरकार को 12 एकड़ इंदु मिल की जमीन पर अम्बेडकर मेमोरियल निर्माण करने का आदेश दिया है। जिसमें एक तालाब, एक 25,000 वर्ग फुट का स्तूप, एक 39,622 वर्ग फुट इंटरैक्टिव संग्रहालय, एक भूमिगत पुस्तकालय और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक सभागार ब्लॉक होगा।

6. इंग्लैंड स्थित डॉ अम्बेडकर के निवास को भाजपा सरकार ने वर्ष 2014 में खरीदकर स्मारक बनाया।

7. नई दिल्ली में डॉ अम्बेडकर पुस्तकालय का मोदी जी नें शिलान्यास किया 2015

8. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का अलग अलग गठन किया एवं अलग-अलग मंत्रालय बनवाए।

9. अनुसूचित जाति एवं जनजाति के खिलाफ होने वाले अत्याचारों के रोकथाम और उनके मुकदमों के ट्रायल के लिए विभिन्न राज्यों में 137 विशेष अदालतों एवं विशेष प्रकोष्ठों का गठन किया।

10.  आरक्षित रिक्तियों को 50 प्रतिशत सीलिंग की मर्यादा से मुक्त करवाया।

11.  अनुसूचित जाति के अभ्यार्थियों को क्वालीफाईंग अंकों में छूट देने और पदोन्नति के समय पर छूट प्रदत स्तर पर  नियुक्ति करने का कानून बनाया।

12.  2001 की जनगणना के आधार पर राज्य विधानसभाओं व् लोकसभा में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए आरक्षित सीटों की पुनर्स्थापना का क़ानून बनाया।

13.  अनुसूचित जाति एवं जनजाति अभ्यार्थियों को पदोन्नति में आरक्षण का प्रावधान किया।

14.  1991-92 में श्री राजनाथ सिंह जी  के शिक्षामंत्रित्व काल में उत्तर प्रदेश के अनुसूचित जाति के शिक्षकों का बैकलॉग जो पूर्ववर्ती गैर भाजपा सरकारों द्वारा वर्षों से लंबित पड़ा था को शत-प्रतिशत पूर्ण किया गया।

15.  उत्तर प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का गठन भाजपा शासन के दौरान किया गया।
शान्त प्रकाश जाटव

कांग्रेस द्वारा अनुसूचित जाति समाज एवं डा. अम्बेडकर के विरोध में किये गए कार्य :

1. वर्ष 1952 के लोकसभा चुनाव  में कांग्रेस द्वारा श्री नारायण काजोलकर को काग्रेस प्रत्याशी के रूप में डा.अम्बेडकर के मुकाबले खड़ा कर दिया और डा.अम्बेडकर चुनाव हार गए।

2.  वर्ष 1953 में भंडारा (महाराष्ट्र) में लोकसभा उपचुनाव में भी डा.अम्बेडकर के सामने श्री वानखेड़े को कांग्रेस प्रत्याशी बना कर खड़ा कर दिया परिणाम स्वरुप डा.अम्बेडकर पुनः चुनाव हार गए।

3. कांग्रेस नें धार्मिक तथा भाषाई अल्पसंख्यकों द्वारा संचालित शैक्षिक एवं व्यवसायिक संस्थाओं (देश में लगभग 75 प्रतिशत से ज्यादा) में प्रवेश हेतु अनुसूचित जाति वर्ग को आरक्षण न देने कि अनुमति दी।

4.  आज़ादी के बाद देश का कोई भी प्रधानमंत्री रहा हो सब की एक ही नीति रही कि देश के आर्थिक विकास के संसाधनों पर पहला अधिकार केवल अनुसूचित वर्ग का है लेकिन प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह नें उपरोक्त सर्वमान्य नीति को बदल कर घोषणा कर दी कि देश के आर्थिक संसाधनों पर अनुसूचित वर्ग का नहीं बल्कि मुसलमानों का हक़ है।

5.  अनुसूचित जाति को मिलने वाले आरक्षण को धर्मान्तरित ईसाई एवं मुसलमानों को भी देने का कुषड्यंत्र कांग्रेस द्वारा किया गया।

6.  कांग्रेस के शासन में 45% लोग गरीबी की रेखा से नीचे थे जिसमें 51% लोगों को बीपीएल कार्ड नहीं मिले।

7.    सरकारी गोदामों में हजारो टन गेहूं सड़ता रहा, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद गरीबों में वह अनाज नहीं बांटा गया। मंहगाई के कारण लोग आत्महत्या करने को मजबूर हुए लोग 12 रूपये से 16 रूपये में जीवनयापन करने को मजबूर थे।

8.        कांग्रेस सरकार द्वारा दिल्ली में अनुसूचित जाति वर्ग के विकास पर खर्च होने वाला 667  करोड़ रुपया कॉमनवेल्थ गेम के नाम पर खर्च कर दिए गए।
शान्त प्रकाश जाटव

अनुसूचित जाति के युवाओं को किया जा रहा है षड्यंत्रकारी तरीके से गुमराह

1.        यूपी में प्रमोशन में आरक्षण का फैसला न होने के कारण कई लाख लोग सिर्फ मायावती के कारण रिवर्ट हुए

जिसके लिए एकमात्र दोषी मायावती है मायावती बताये क्यों ?

·         17.38 करोड़ रूपये लेकर भी सतीश मिश्रा ने पैरवी क्यों नहीं की परिणामतः मुकद्दमा ख़ारिज हुआ?

·         मायावती ने लखनऊ बैंच में पैरवी न किये जाने के कारण ख़ारिज हुए मुकद्दमें की इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपील क्यों नहीं की ? वह सीधा सुप्रीम कोर्ट क्यों गई ? जहाँ सुप्रीम कोर्ट नें हाई कोर्ट जाने की सलाह देकर मुकद्दमा ख़ारिज किया।

·         मायावती नें 212 विधायक होने के बावजूद विधेयक पारित कर कानून क्यों नहीं बनाया ?

2.        मायावती दलित की बेटी के नाम पर राजनीति कर रही हैं तीन बार भाजपा के रहम पर मुख्यमंत्री बनीं हर बार धोका, दिया वही हाल अनुसूचित जाति समाज से भी किया। नेशनल क्राइम रिकोर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक दलित उत्पीडन की देश में औसतन 30 हज़ार घटनाएँ हर साल होती हैं मायावती के शासन में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर रहा। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अनुसार वर्ष 2007 में 6768, 2008 में 8074, 2009 में 7541 और 2010 में 7062  मामले दलित उत्पीडन के और 2007 में 319, 2008 में 255, 2009 में 265 और 2010 में 235 हत्या के मामले दर्ज हुए।
शान्त प्रकाश जाटव

3.        रोहित चक्रवर्ती वेमुला वामपंथी एक्टिविष्ट था वामपंथियों के इशारे पर उसने आतंकवादी याकूब मेनन को फाँसी दिए जाने के विरोध में विद्यालय परिसर में शोक सभा का आयोजन किया था, वो अपने साथियों के साथ अक्सर आतंकवादी याकूब मेनन के लिए नमाज़ पढ़ता था। जिसको विश्वविद्यालय प्रशासन नें गलत मानते हुए सभा कर रहे उसके साथी छात्रों को कुछ शर्तों के साथ निष्कासित किया, जाँच होने तक होस्टल खाली करना, वह बाहर रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकता था। स्कालरशिप रोक दी गई, जिसका उसको कतई आभास नहीं था। उसके आकाओं नें भी उसकी मदद नहीं की सम्भवतः उसे उकसाया परिणाम स्वरूप सुसाईड नोट लिख कर उसने आत्महत्या कर ली। विभागीय जांच से पता चला है की वह पिछड़ी जाति से था, बसपाई, कांग्रेसी और वामपंथी उसे दलित बता  रहे हैं ताकि दलित हमेशा की तरह मूर्ख बनकर मूर्खता में उन्हें वोट दे !
शान्त प्रकाश जाटव

4. सुनपेड, हरियाणा में दो बच्चों को जिन्दा जलाने की  निर्मम घटना, पति पत्नी के आपसी झगड़े के कारण हुई फॉरेंसिक जाचं में मिट्टी के तेल की आधी भरी बोतल भी कमरे में पलँग के पास मिली। मगर बसपाई, कांग्रेसी और वामपंथी इसे दलित उत्पीड़न से जोड़कर दलितों के वोट की खातिर झूठ प्रचारित कर आक्रोश पैदा कर रहे है।
शान्त प्रकाश जाटव

5. उना गुजरात में दलित उत्पीड़न की घटना एक कांग्रेसी विधायक के ईशारे पर हुई जिसके लिए 600 किलोमीटर दूर दमन से नकली गौरक्षक आये जिन्होंने घटना को अंजाम दिया और जानबूझकर तनाव पैदा करने के उद्देश्य से घटना का वीडियो भी स्वयं बनाया जिसे दमन पहुंचकर उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रकाशित भी किया। अब वही कांग्रेसी, वामपंथी, बसपाई दलितों को वोट की खातिर गुमराह कर रहे हैं।
शान्त प्रकाश जाटव