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Saturday, November 11, 2017

अखिल भारतीय हिन्दू जाटव महासभा के कार्यकर्ताओं नें कौशाम्बी, गाज़ियाबाद में किया हवन का आयोजन दिनाँक 10 नवम्बर 2017

अखिल भारतीय हिन्दू जाटव महासभा के कार्यकर्ताओं नें कौशाम्बी, गाज़ियाबाद में किया हवन का आयोजन दिनाँक 10 नवम्बर 2017

Wednesday, August 31, 2016

हिंदुओं के एक वर्ग को षड्यंत्र स्वरूप वामपंथियों द्वारा अछूत कहा गया

हिंदुओं के एक वर्ग को षड्यंत्र स्वरूप वामपंथियों द्वारा अछूत कहा गया

एकनाथ, तुकाराम, रविदास जैसे अनेकों हिन्दू संत हुए जिन्हें षड्यंत्र के तहत अछूत कहा गया।
वेद आधारित आर्यसमाज में अनेक ब्राम्हण पुरोहित हुए हैं, जिनके पैर सभी हिन्दू छूते हैं जिन्हें षड्यंत्र के तहत अछूत कहा गया।
अनेक मंदिरों के ऐसे पुरोहित हैं,  जिनसे सभी हिन्दू आशीर्वाद लेते हैं, जिन्हें षड्यंत्र के तहत अछूत कहा गया।
हमारे यहाँ अनकोें राजा हुए हैं, जिनकी आधीनता सभी हिन्दुओं को स्वीकार्य थी, जिन्हें षड्यंत्र के तहत अछूत कहा गया।

पुराने काल की बात करें तो

रामायण लिखने वाले महृषि वाल्मिकी, भगवान राम के भी पूज्य थे, जो लव - कुश के गुरु थे, आज भी पूज्य हैं,

महाभारत के लेखक वेदव्यास सबके पूज्य थे, आज भी पूज्य हैं,

भगवान बुद्ध, विष्णु भगवान के दसवें अवतार हैं,
उपरोक्त सभी को षड्यंत्र के तहत अछूत कहा गया।

जबकि, एक हजार वर्ष भारत के शासक हिन्दू नहीं मुस्लिम थे,
दो सौ वर्ष भारत के शासक हिन्दू नहीं ईसाई थे,
1947 से अब तक, सेक्युलर व अछूतों के छद्म शुभचिन्तक बुद्धिजीवियों/ वामपंथियों/ समाजवादियों का शासन रहा है जिन्होनें खुद को अछूतों/ मजदूराें / किसानों का हमदर्द बताया, आप खुद तय करें अछूतों का असली शत्रु कौन है ?

छद्म दलित मायावती चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं, समाज को गुमराही के सिवा क्या मिला किसका कितना उत्थान हुआ ?
हजारों - करोड़ का लेदर इण्डस्ट्री को उनके मूल मालिकों से कैसे, किसने चालाकी से छीना ?
सीवेज ट्रीटमेण्ट की परिपाटी उनसे जबरन किसने करवाई ?

हरमों का अपशिष्ट जबरन किसने सिर पर उठवाया ?

पाकिस्तान व बांग्लादेश के अछूतों का,  किसने सफाया किया ?

जरा ठण्ढ़े दिमाग से सोचिये

आरक्षण व्यवस्था ने, क्या सब अछूतों को नौकरी दे दी ?
भीम के संविधान ने, क्या सभी अछूतों का उत्थान कर दिया ?
आज अछूतों के उत्थान न होने का जिम्मेवार अछूत स्वयं हैं।
क्योंकि अछूत उनके पीछे चलते हैं जो ईसाई और मुस्लिम देशों से पैसा लेकर इनको गुमराह करते हैं हिन्दुओं को शत्रु बताते हैं और दलित - मुस्लिम का गठजोड़ बनाते हैं।
सावधान कहीं उत्थान के बजाए सफाया न हो जाए ?
क्योंकि कश्मीर से केवल पंडित हीं नहीं अछूत भी साफ हो गए।

शान्त प्रकाश जाटव

Thursday, June 16, 2016

अछूत ब्राह्मण या वेदों नें नहीं अंग्रेजों नें बनाया

अछूत कौन ? डॉ अम्बेडकर नें अपनी पुस्तक "who were the shudras" अनुवादित संकलन 'अछूत कौन और कैसे' के पृष्ठ 67 पर स्पष्ट किया है की हिन्दुओं को बाँटने की यह अंग्रेजों की योजना थी. 1871 में भारत में सर्वप्रथम जनगणना हुई तदुपरांत 1881, 1891 व् 1901 तक जनगणना धर्माधारित होती रही जिसमें 1. हिन्दू 2. मुस्लिम 3. ईसाई की जनसँख्या के अतिरिक्त कुछ नहीं किया गया. 1901 की जनगणना के अनुसार मुस्लिमों की जनसँख्या लगभग 6 करोड़ 20 लाख थी. 1911 की जनगणना में हिन्दुओं को बाँटने के आशय से हिन्दुओं को तीन भागों में बांटा गया

1. हिन्दू 
2. प्रकृति पूजक आदिवासी 
3. अछूत 

यहाँ अछूत कौन होगा उसके लिए 10 मापदंड जनसँख्या आयुक्त द्वारा तय किये गए, मापदंड निम्नानुसार थे 

1. जो ब्राह्मणों की प्रधानता नहीं मानते 
2. जो किसी ब्राह्मण अथवा अन्य किसी माने हुए हिन्दू गुरु से मंत्र नहीं लेते 
3. जो वेदों को प्रमाण नहीं मानते 
4. जो हिन्दू देवी देवताओं को नहीं पूजते 
5. जिनका अच्छे ब्राह्मण संस्कार नहीं करते 
6. जो कोई ब्राह्मण पुरोहित नहीं रखते 
7. जो हिन्दू मंदिर के भीतर नहीं जा सकते 
8. जो स्पृश्य नहीं हैं अथवा निर्धारित सीमा के भीतर आ जाने से अपवित्रता का कारण होते हैं 
9. जो अपने मुर्दों को गाढ़ते हैं
10. जो गोमांस खाते हैं और गौ का किसी प्रकार से आदर नहीं करते   

इस आधार पर 1911 की जनगणना द्वारा हिन्दुओं को अंग्रेज हुकुमत नें वर्गीकृत कर अछूतों का निर्माण किया जिन्हें अछूत, दलित, डिप्रेस्ड आदि कहा गया.